निषिद्ध इच्छा की पहली रात**
रात के अंधेरे ने शहर को अपनी काली चादर में पूरी तरह लपेट लिया था। दिल्ली की उन गलियों में जहाँ दिन में भीड़ भाड़ रहती है, अब सिर्फ चुप्पी और ठंडी हवा का शोर सुनाई दे रहा था। आकाश में चाँद आधा छिपा हुआ था, जैसे वह भी किसी गुप्त बात को छुपा रहा हो। और ठीक उसी रात, आर्या की ज़िंदगी हमेशा के लिए बदलने वाली थी।

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